प्रस्तुत पुस्तक मनुष्य को बिना दवा के स्वस्थ करने की एक पहल है। पुरातन समय में न तो अधिक डॉक्टर और वैद्य उपलब्ध थे और न ही प्रचुर मात्रा में दवाएं उपलब्ध थीं किन्तु हर घर में एक सुलभ चिकित्सा पद्धति स्थापित थी जिसे अपनाकर व्यक्ति बीमारी आने पर घर बैठे ही उपचार करके स्वस्थ हो जाते थे। किन्तु पीढ़ी दर पीढ़ी उक्त चिकित्सा पद्धति हमारे घरों से लुप्त हो गई एवं एलोपैथी ने उसका स्थान ले लिया है। वर्तमान समय में साधारण बीमारियों की चिकित्सा भी बहुत महँगी हो गई है। ऐसे में प्रस्तुत पुस्तक घर-घर में सुजोक चिकित्सा अपनाने व बिना दवा के रोगों की चिकित्सा करने में बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगी।